नम भूमि
नम भूमि एक विशिष्ट प्रकार का पारिस्थितिकी तंत्र है जहां का स्तर सामान्य जमीन के बराबर या जमीन उसने पानी से ढकी हुई होती है।
* झील, तालाब, जलाशय, पोखर, दलदली क्षेत्र इत्यादि भी नम भूमि के अंतर्गत आते हैं यहां तक की नदियों को भी नम भूमि कहा जाता है।
* नम भूमि अत्यंत उत्पादन जलीय परिस्थितिकी तंत्र है तथा समस्त प्रकार की जैव विविधता को बनाए रखता है।
नम भूमि का महत्व
1. नम भूमि को बायोलॉजिकल सुपर मार्केट कहा जाता है क्योंकि यह विस्तृत भोज्य जाल उत्पन्न करते हैं तथा जैव विविधता को समृद्ध बनाए रखते हैं।
2. नम भूमि प्रत्यक्ष रुप से लोगों की जीवन का महत्वपूर्ण अंग है जो लोग नम भूमि क्षेत्र के आस पास रहते हैं वह सिंचाई व पीने योग्य पानी नम भूमि से ही प्राप्त करते हैं।
3. नम भूमि प्रवासी पक्षियो के लिए स्टेपिंग स्टोन का काम करते हैं बहुत से पक्षी अपने प्रजनन के लिए नम भूमि का चुनाव करते हैं।
4. नम भूमि तंत्र जल चक्र द्वारा जल को शुद्ध करता है प्रदूषण अवयवों को निकालता है तथा पोषक तत्वों के पुनः चक्रण को बनाए रखता है इसलिए नम भूमि को किडनीज आफ दि लैंडस्केप भी कहते हैं।
5. नम भूमि को नर्सरी ऑफ लाइट भी कहा जाता है क्योंकि यह विभिन्न प्रकार के जलीयऔर थलीय जीवों व वनस्पतियों का निवास स्थान होते हैं।
उत्तर प्रदेश के नम भूमि क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में कुल 328690 हेक्टेयर क्षेत्र नम भूमि के अंतर्गत आता है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख नम भूमि क्षेत्र:-
1. समसपुर नमभूमि — रायबरेली
2.लाख बहोसी नमभूमि - कन्नौज
3.नवाबगंज नमभूमि - उन्नाव
4.बघेल नमभूमि -श्रावस्ती
5.सांडी झील- हरदोई
6.समान झील- मैनपुरी
7.शेखा झील -अलीगढ़
8.नगरिया झील- लखीमपुर खीरी
9.पटना झील- इटावा
10.चन्देताल झील -बस्ती
नमभूमि क्षरण :- मुख्य कारण
1. कृषि और सिंचाई के लिए नमभूमि व नमभूमि उत्पादों का अति विदोहन।
2. प्रदूषण व जल परिवर्तन।
3. भूजल स्तर का कम होना ।
4.अव्यवस्थित रूप से जलमग्न क्षेत्रों का इस्तेमाल होना।
5.नम भूमि में अवांछनीय व खरपतवार का एकत्रित होना।
6. आवासीय क्षेत्रों के बढ़ने के कारण नम भूमि को मिट्टी डालकर काटने से जलागम क्षेत्र का संकुचित होना।
यह सभी नमभूमि परिस्थिति तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं तथा इसकी जैवविविधता को खत्म करके हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं।
नम भूमि संरक्षण हेतु उपाय व जनसामान्य से अपेक्षाएं:-
1. नम भूमि का इस्तेमाल व्यवस्थित तथा सुचारु रुप से किया जाना चाहिए जिससे कि उसकी जीव और वनस्पति पर प्रतिकूल असर ना हो।
2.लैंडफिल जैसे क्रियाकलापों को जन सामान्य की मदद से रोका जाना चाहिए।
3.जनसामान्य को पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी जिससे कि जब भी कोई नमभूमि व नमभूमि जीवो को हानि पहुंचाए तो जनसामान्य ऐसा करने वाले अवांछित तत्वों को पकड़वाने व दंडित करने में सहयोग करें।