वाणी यात्रा

Sunday, 3 August 2025

मृत्तिका - संयोग

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प्रिय सखा! तुम एक दिवस,  लेना मृत्तिका — कोमल, नर्म, तरल कल्पना में गूंथ उसे, गढ़ना दो प्रतिमा-अविकर्म। एक प्रतीक तुम-सा, सरल, दूजा प्रति...
Sunday, 30 March 2025

शक्ति स्वरूपा माँ नव-दुर्गा

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प्रथम शैलपुत्री भवानी, स्नेह सुधा रस बरसाए। धैर्य, शांति की दानी माता, भक्त विपद-हर जाए॥ ब्रह्मचारिणी तेज अनोखा, ज्ञान से जीव...
Tuesday, 18 March 2025

प्रेमाभा:- भाव - मंजरी

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यह पद्य आठ भागों में क्रमशः है - जो इसी पद्य का भाग है, इसलिए सभी का एक साथ पाठन करे।     1. श्रद्धा   भाव तरंगित मन के भीतर, मौन पलों में ग...
Thursday, 13 March 2025

प्रेम - पर्व :- होली

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होलिका की ज्योति में, मिटे मनों के भार, जलें विकार-अहं सभी, शुभ हो नए विचार। रंग बरसे आसमाँ से, प्रीत भरे पैगाम, हँसी-मजाक की बौछारें, छू ले...
Thursday, 2 January 2025

प्यारी - नानी

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नानी की ममता है अनमोल, प्यार भरा जैसे मधुर रस घोल। उनकी गोद में सुख का घर, दूर हो जीवन के सारे डर। कहानी सुनाएँ वो चाँद-सितारों की, सिखाएँ ह...
1 comment:
Thursday, 23 May 2024

लड़की एक स्यानी : अनकही सी कहानी

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बन्द कमरा सहमी आवाज वो अंधेरी काली रात  चुपके से एक इन्सान आया  हाथ उसने ओर बढ़ाया  डरी सहमी नींद से जागी उठ खड़ी हो दूर वो भागी  नाकाम रही ...
Tuesday, 7 May 2024

गिरगिट

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मानव समाज का केंद्र बिन्दु है तो उसकी बातचीत उसे समाज में बने रहने का साधन है। मानव की बातचीत का माध्यम ही तय करता है कि वह केंद्र में होगा ...
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