दमन के अनुयायी को अब क्षमा का दान होगा। शहीदों की शहादत का कभी अपमान न होगा। हम गद्दारों की ख़ातिर शब्दों का बारूद लाए हैं। वतन के दुश्मनों का अब कही सम्मान न होगा।
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