Friday, 29 March 2019

तोता जी - तोता जी

तोता जी - तोता जी। .....

तोता जी - तोता जी। .....
जंगल के हो वक्ता जी,

पक्षियों के प्रवक्ता जी। 
प्रकृति   के हो पूत जी ,
पक्षियों के राजपूत जी। 
तोता जी - तोता जी। ......
वाणी के वाचाल जी ,
हो सबके मन मोहिया जी। 
मिमक्री के हो पुतले जी,
आमों के हो रसिया जी।
तोता जी - तोता जी। .....

 मन मोहको का जाल है ,
यही इंसानियत खेल है। 
तोता जी - तोता जी। ....... 





                                                     - आशुतोष सिंह 

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