खुशियो रूपी सागर में ही आपकी जीवन-कश्ती हो।
सदा वही स्पर्श करे, जिस हवा में बस्ती बसती हो।
जीवन की इस पुस्तक में बस, सुख से भरी कहानी हो।
दिन आए बार - बार ये , जब तक सागर में पानी हो।
बहार हो तेरे आँगन में , दामन में बस प्यार हो।
हृदय से जन्म-दिवस पर बारम्बार बधाई।
इरादे नेक, विचार श्रेष्ठ हो , अमल आपकी बात हो।
झीलों में ऐसा पुष्प हो कि हर पल मन हर्षाऐ।
पूरी सदा हो ख्वाहिशें, सदा किस्मत आपके साथ हो
चमक सदा हो चेहरों पर , दूरी न हो रिश्तों में
कर्म बुरे न हो जीवन में , हर पल सदा भलाई हो
हृदय से जन्म-दिवस पर बारम्बार बधाई।
-आशुतोष सिंह चौहान