Thursday, 2 January 2025

प्यारी - नानी

नानी की ममता है अनमोल,
प्यार भरा जैसे मधुर रस घोल।
उनकी गोद में सुख का घर,
दूर हो जीवन के सारे डर।
कहानी सुनाएँ वो चाँद-सितारों की,
सिखाएँ हमें बातें जीवन के तारों की।
हर सुबह की पूजा, हर रात का गीत,
उनके संग बचपन हुआ मनमीत।
रसोई में गूँजे उनकी हँसी,
हर निवाले में सजी प्रेम की मिष्ठि।
उनके हाथों का स्वाद अनोखा,
स्नेह से महका हर कोना।
उनकी यादें दिल में बसतीं,
जैसे खुशबू फूलों से रसती।
नानी, तुम हो जीवन का दर्पण,
तुमसे सीखा सच्चा अनुकरण।

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