जन्म पर मेरे आँसूं बहाओगे तो नहीं।
जन्म पर मेरे खुशियाँ मनाओगे,
गम में डूब जाओगे तो नहीं।
मांगू जो प्यार आपका तो ,
नफरत जताओगे तो नहीं।
चाहूँ मैं अगर पढ़ना तो,
इंकार कर जाओगे तो नहीं।
चाहूँ मैं अधिकार बराबर का तो,
भेदभाव जताओगे तो नहीं।
जब हो गयी जवान तो,
विवाह कर सूली चढ़ाओगे तो नहीं।
फूलों की तरह पाली इस बेटी को,
काँटों पे बिठाओगे तो नहीं।
कर पराया इस बेटी को,
भूल जाओगे तो नहीं।
पूछे बेटी पिता से,
जन्म पर मेरे आँसूं बहाओगे तो नहीं।
- आशुतोष सिंह चौहान


